क्राइम

कानपुर में प्रतिबंधित कफ सिरप की बड़ी खेप पकड़ी, 2.95 करोड़ रुपये की 2,500 शीशियां बरामद

कानपुर। प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप की कथित तस्करी के मामले में एंटी नारकोटिक्स टीम ने बाबूपुरवा क्षेत्र के ढकनापुरवा से एक युवक को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान टीम ने सिरप की 2,500 शीशियां बरामद कीं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 95 लाख रुपये बताई गई है। जांच में सामने आया कि इस खेप को कथित तौर पर फर्जी बिल और परिवहन दस्तावेजों के जरिए वाराणसी तथा प्रयागराज भेजने की तैयारी थी।

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के अयनुद्दीन के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान मिहिर कुमार ठाकुर के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के मगरपट्टी का रहने वाला है और वर्तमान में कानपुर के बर्रा-दो स्थित बिहारीपुरवा में रह रहा था।

प्रारंभिक जांच के मुताबिक, बरामद सिरप ‘टर्बो-टी’ नाम से है। आरोप है कि खेप को फर्जी बिल और बिल्टी तैयार करके ट्रांसपोर्ट के माध्यम से अलग-अलग जिलों में भेजा जाना था।

पुलिस के अनुसार, सिरप की खेप नई दिल्ली के मंगोलपुरी स्थित नोवोट्रिक्स लाइफसाइंसेस नामक फर्म से मंगवाई गई थी। इसे सहयोगियों के माध्यम से वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र स्थित हनुमान ट्रेडर्स तक पहुंचाने की योजना थी। प्रयागराज और वाराणसी के अलावा अन्य जिलों में भी इसकी सप्लाई किए जाने की आशंका है।

जांच में यह भी सामने आया कि इसी फर्म से संबंधित कोडीनयुक्त सिरप की कुछ शीशियां कुछ दिन पहले प्रयागराज में पकड़ी गई थीं। इसके बाद बची हुई खेप को कानपुर के राजधानी इंटरस्टेट ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के जरिए वाराणसी भेजने की तैयारी की जा रही थी।

बताया गया कि ट्रांसपोर्ट से उठवाने के बाद सिरप की शीशियों को एक गोदाम में रखवा दिया गया था। इसके बाद एंटी नारकोटिक्स टीम ने कार्रवाई करते हुए खेप बरामद की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

मामले में आरोपी के खिलाफ बाबूपुरवा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित सप्लाई नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा प्रतिबंधित सिरप की खेप किन-किन स्थानों पर भेजी जानी थी। जांच के दौरान फर्म, परिवहन दस्तावेजों और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।